नोडल खाते में राशि, फिर भी समितियों को भुगतान में देरी,,,
ब्याज अनुदान एवं सुरक्षा भंडारण की राशि अटकने से समितियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित,,,, अतिरिक्त ब्याज भार की आशंका,,,
बलौदाबाजार । ब्याज अनुदान एवं सुरक्षा भंडारण मद की राशि बैंक के नोडल खाते में प्राप्त होने के बावजूद संबंधित समितियों को समय पर भुगतान नहीं किए जाने से समितियों को वित्तीय एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राशि के विलंबित भुगतान से समितियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित होने के साथ ही उनकी दैनिक वित्तीय गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कार्यशील पूंजी पर असर: अनुदान एवं भंडारण मद की राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने से समिति के पास उपलब्ध धनराशि सीमित हो जाती है। इससे किसानों को भुगतान, खाद-बीज सहित अन्य आवश्यक कार्यों के संचालन में परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
बढ़ सकता है ब्याज का भार: आवश्यक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए समितियों को बैंक से अतिरिक्त राशि अथवा कैश क्रेडिट की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में समिति पर अतिरिक्त ब्याज व्यय का भार आने की आशंका रहती है।
भंडारण खर्च की भरपाई में देरी: सुरक्षा भंडारण से संबंधित गोदाम के रख-रखाव, श्रम, बिजली, सुरक्षा एवं अन्य खर्चों की पूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। वहीं, राशि उपलब्ध नहीं होने पर समितियों को वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
साख एवं सेवाओं पर असर: भुगतान में देरी से समितियों की वित्तीय साख प्रभावित होने की संभावना है। इसका असर बैंक, कर्मचारियों, सेवा प्रदाताओं तथा किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सहकारी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
विलंब की अवधि का परीक्षण जरूरी: यदि ब्याज अनुदान एवं सुरक्षा भंडारण की राशि नोडल खाते में प्राप्त हो चुकी है, तो उसे अनावश्यक रूप से रोके रखने के कारण समितियों को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का परीक्षण किया जाना चाहिए। विशेषकर अतिरिक्त ब्याज भार, कार्यशील पूंजी में कमी और अन्य वित्तीय क्षति का आकलन कर समय पर राशि समितियों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। शासन द्वारा निर्धारित अनुदान का उद्देश्य समितियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, इसलिए राशि उपलब्ध होने के बाद उसके भुगतान में अनावश्यक विलंब इस उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है। समितियों ने कलेक्टर बलौदाबाजार से अपील किया है कि जल्द से जल्द ब्याज अनुदान की राशि समितियों को भुगतान करें ।


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