https://ift.tt/Yx6MraF News: डॉ अभिषेक मिश्रा ने लोकल 18 से कहा कि यह योजना खासतौर पर उन पशुपालकों या किसानों के लिए काम की है, जो देसी बकरियां पालते हैं. देसी नस्ल में नर बकरे की गुणवत्ता औसत होती है, जिससे उत्पादन क्षमता सीमित रहती है. ऐसे में अगर संबंधित व्यक्ति उन्नत नस्ल का नर बकरा खरीदता है, तो उसकी संतानों में बेहतर गुण आते हैं और मांस उत्पादन में वृद्धि होती है.
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