पिथौरा, वन विकास निगम के बार परिक्षेत्र में जम्हार के समीप कक्ष क्रमांक 95 में अफसरों के मुख्यालय में नही रहने का फायदा उठाते हुए ग्रामीणों ने सैकड़ो एकड़ जंगल काट कर वहां कब्जा कर लेने की जानकारी मिली है।काटे गए पेड़ो में कक्ष क्र 96 में विकसित सागौन के पेड़ भी शामिल है।अब ये ग्रामीण इसी वन भूमि पर अधिकार पत्र की मांग करेंगे।ज्ञात हो कि उक्त क्षेत्र में पदस्थ रेंजर सपना देवांगन मुख्यालय में नही रहती और न ही मोबाइल अटेंड करती है।एक व्हाट्सएप्प मेसेज के माध्यम से उन्होंने बताया कि अतिक्रमणकारियो को नोटिस भेजा गया है।वही उन्होंने यह भी कहा कि कोई अतिक्रमण नही हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार बार वन परिक्षेत्र का बड़गांव बीट वन विकास निगम एवम पिथौरा वन परिक्षेत्र की सीमा है।यहां के ग्रामीण पूर्व की तरह एक बार पुनः वन भूमि पर लगे पेड़ पौधों को काट कर एवम सफाई कर कब्जा करने में जुटे है।चूंकि इस क्षेत्र में निगम अफसर कभी आते ही नही इसलिए ग्रामीणों ने दीवाली का समय चुना है और विगत दो तीन दिनों में ही सैकड़ो एकड़ जंगल काट कर वहां कब्जा जमा लिया।इस बात की जानकारी निगम अफसरों को होते हुए भी वे न तो ग्रामीणों को कब्जा करने से रोकते है और न ही कोई कार्यवाही करते है।
।।पत्रकार भी डरते है ग्रामीणों से।।
घटना स्थल कटाई क्षेत्र में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकारों भी कटाई कर अवैध कब्जा कर रहे ग्रामीणों से भयभीत रह कर ही रिपोर्टिंग करते है।क्योंकि वर्तमान में हरे भरे पेड़ पौधे काट कर कब्जा करने वालो को आगामी विधान सभा चुनाव के दौरान अधिकार पत्र भी मिलने या देने वायदा मिलना तय होता है।
।।ग्रामीण करेंगे वन अधिकार पट्टे की मांग।।
उक्त सम्बन्ध में जानकारों की माने तो ग्रामीणों का यह आइडिया पुराना हो गया है।पहले ग्रामीण जंगल काट कर कब्जा करते है इसके बाद चुनाव के दौरान वोट देने की शर्त पर पट्टे की मांग करते है जो कि आसानी से पूरी भी कर दी जाती है जिससे वनों का क्षेत्रफल लगातार घटता जा रहा है जो कि भविष्य में पर्यावरण के लिए चिंताजनक है।
।।अतिक्रमणकारियो को नोटिस।।
।।अतिक्रमण का प्रयास नही--रेंजर।।
इस सम्बंध में जानकारी देने एवम खबर के लिए विभाग का पक्ष लेने के लिए मोबाइल करने पर निगम अफसर ने मोबाइल रिसीव नही किया।इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप्प द्वारा मैसेज कर पक्ष रखने आग्रह किया गया।इस पर रेंजर सुश्री देवांगन ने व्हाट्सएप्प मेसेज के माध्यम से बताया कि अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा जा चुका है उनके द्वारा बड़े पेड़ो की कटाई की सूचना आपको गलत मिली है। वर्तमान में किसी प्रकार का अतिक्रमण का प्रयास नहीं किया जा रहा है।मेरे द्वारा स्वयं स्टाफ के साथ दौरा किया गया है।सूचना उच्च अधिकारियों को भी दी जा चुकी है।गौरतलब है कि अपने पक्ष में रेंजर द्वारा अतिक्रमण का प्रयास नही होने की बात कही है वही अतिक्रमण कारियो को नोटिस देने की बात भी कही जा रही है।जब अतिक्रमण नही हुआ तो नोटिस किसे दी गयी है?


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