बिलाईगढ़ : मोला हमर छत्तीसगढ़ी संस्कृति,आहार अउ विरासत बर ‌गरब हे - तरण खटकर बिलाईगढ़


 बिलाईगढ़ : मोला हमर छत्तीसगढ़ी संस्कृति,आहार अउ विरासत बर ‌गरब हे -  तरण खटकर बिलाईगढ़
 

मजदूर दिवस अउ बोरे बासी दिवस के जमो प्रदेशवासी मन ल गाढा गाढ़ा बधाई दे के बिलाईगड विधानसभा वरिष्ठ कांग्रेसी  बलौदा बाजार भाटापारा जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व उपाध्यक्ष तरुण खटकर ह बताइस कि हर देश के प्रदेश ‌समाज के गांव के अपन अपन रहन सहन खान पान गोठ बोली अउ संस्कृति होते जेखर उपर वो समाज ल गाव ल प्रदेश ल देश ल गरब होते ओसने हमर छत्तीसगढ़ी मन ‌के अपन रहन सहन खान पान गोठ बोली अउ संस्कृति हावय जेखर बर हम ल गरब हे 
आगु तरुण खटकर ह बताइस कि
बटकी म बासी अउ चुटकी भर नून हमर छत्तीसगढ़िया आहार बोरे-बासी हमर #छत्तीसगढ़िया संस्कृति के अहम हिस्सा हे। इही कारन हमर मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel जी ह 1 मई #मजदूर #दिवस के दिन बोरे-बासी खा के श्रम, संस्कृति के सम्मान करे के बात कहे हे।
हमर आहार अउ संस्कृति के गौरव ल गरब के एहसास करे बर
आज महु ह भीया म बैइठ के आमा के अथान पताल के चटनी गोदली अउ नून म बोरे बासी खाएं  हव बोरे बासी ह अबड मिठाइस‌‌ आघु कहिस कि बोरे बासी ह हमर किसानी संस्कृति मजदूर संस्कृति अउ जमो प्रदेशवासी मन के संस्कृति हे।

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