पिथौरा: जिले के चर्चित ग्राम नानक सागर में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला विराट पर्व सोमवार सुबह आरती एवम कलश विषर्जन के साथ ही सम्पन्न हो गया। पांच दिनों में ग्रामीण राधा कृष्ण के साथ श्री गुरुनानक देव जी की पूजा कर रात भर पुराण गायन करते है।
महासमुन्द जिले के बसना विकासखण्ड से कोई सात किलोमीटर दूर स्थित नानक सागर में सिक्खों के प्रथम गुरु श्रीगुरुनानक देव जी के दो दिन रुकने के प्रमाण मिलने के बाद से यह ग्राम चर्चा में है।इस ग्राम में सभी हिन्दू धर्म के पर्व धूमधाम से मनाए जाते है।सभी पर्वो में देवी देवताओं के साथ श्रीगुरुनानक देव जी की पूजा अवश्य की जाती है।पूर्व सरपंच सुवर्धन प्रधान के अनुसार ग्राम के मुख्य नानक डेरा में अभी विराट पर्व मनाया गया।इसे चंदन यात्रा के नाम से भी जानते है।श्री प्रधान में बताया कि मान्यता है कि महाभारत के दौरान पांच पांडव द्वारा अपने अज्ञातवास के दौरान कुछ समय इसी ग्राम में बिताया था।लिहाजा इसी की याद में पांच दिवसीय यह पर्व मनाया जाता है।
।।पांच दिन सभी घरों से फल फूल प्रसाद।।
श्री प्रधान ने बताया कि इस पर्व में हिन्दू परिवार के सभी घर से नानक डेरा में फूल फल और प्रसाद लेकर पहुचते है।रात भर ज्योति जलती है और आरती के बाद रात भर पुराण कथा होती है।इसके बाद सुबह आरती के साथ सुबह पूजा समाप्त होती है।यह कार्यक्रम लगातार पांच दिनों तक चलता है।
।।कीर्तन दरबार रविवार को सम्पन्न।।
दूसरी ओर श्रीगुरुनानक देव जी की जमीन पर प्रतिमाह होने वाला कीर्तन दरबार भी कल ही सप्पन्न हुआ।कीर्तन दरबार मे आये शिक्ख जनों ने ग्राम पहुच कर विराट पर्व में रामसीता के साथ श्री गुरुनानक देव जी के दर्शन किये।कीर्तन दरबार के बाद लंगर भी रखा गया था।कीर्तन जत्था उड़ीसा के खरियार रोड से पहुचा था।कार्यक्रम में मुख्यतः अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र सिंह छाबड़ा, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, बसना से मंजीत सिंह सलूजा सहित अनेक सिक्ख परिवार सहित पहुचे थे।


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