बलौदाबाजार वन मंडल के वन कर्मी हड़ताल पर,,,,,,वेतन विसंगति सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल,,,,,,छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिला बलोदा बाजार भाटापारा के निर्देश धरने पे बैठे,,,,,,,,जंगल व वन्यजीव भगवान भरोसे,,,,,

बलौदाबाजार वन मंडल के वन कर्मी हड़ताल पर,,,,,,वेतन विसंगति सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल,,,,,,छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिला बलोदा बाजार भाटापारा के निर्देश धरने पे बैठे,,,,,,,,जंगल व वन्यजीव भगवान भरोसे,,,,,

आपको बतादे कि जिला बलौदा बाजार भाटापारा के छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ शाखा बलौदा बाजार भाटापारा के तत्वधान में  विराज मुदलियार  नवनियुक्त संभाग अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी ।  संभागीय सचिव  मनीष कुशवाहा, जिला अध्यक्ष  रायपुर  भूपेंद्र कुमार यादव, जिला अध्यक्ष बलौदा बाजार भाटापारा  नंद कुमार बघेल की उपस्थिति में 21/03/2022 से प्रदेश व्यापी हड़ताल किया जा रहा है ।  जिसमे मुख्य रूप से 12 सूत्रीय मांग छत्तीसगढ़ सरकार से किया गया है । वही सर्व सहमति संभाग में एक प्रतिनिधि के रूप में  दिनेश कुमार वर्मा  का नाम प्रस्तावित किया गया। हड़ताल में आज संघ के सदस्य के रूप में मनोज बघेल (जिलासचिव), रतन डडसेना (जिला संरक्षक), दिगंबर साहू, नितिन नायक, दिनेश वर्मा, चंद्र विजय बघेल, सम्राट राठौर, दुर्गेश नायक, शिखि राम साहू,  एवं अन्य सभी वन परिक्षेत्र के वन कर्मी उपस्थित रहे।
 12 सूत्री मांग इस प्रकार है
1) वनरक्षक के वेतनमान 2750 से 3050₹ का विभागीय भर्ती नियम में 2003 से प्रावधान किया जावे

2) अति संवेदनशील क्षेत्र मौजूद है जैसे कि अवैध उत्खनन, कटाई, शिकार पर नियंत्रण रखना, सड़क, तालाब,चेक डेम निर्माण करना, नर्सरी कार्य, जन संपर्क स्थापित करना, गस्त, दौरा एवं समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करें यह सारे कार्यों के लिए संतोष न वेतन की प्राप्ति ना होना
3) पुरानी पेंशन योजना लागू किया जावे।
4) सेटअप पुरा निरीक्षण किया जावे।
5) पदनाम वर्दी हेतु संबोधित पदनाम एवं वर्दी
6) वनोपज संघ एवं संरक्षण के लिए अतिरिक्त वेतन दिया जावे
7) प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया जावे।
8) कास्ट वनोपज प्रदाय से कमी मात्रा की वसूली के संबंध में
9) विभागीय पर्यटक स्थलों  में निशुल्क प्रवेश दिया जावे
10) वनपाल प्रशिक्षण के संबंध में
11) भृत्य / चौकीदार के संबंध में
12) दैनिक वेतन भोगियों को नियमितीकरण किया जावे।

 इन सभी मांगों को लेकर 21 मार्च 2022 को  छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया जा रहा है।
 किंतु क्या वन कर्मचारी के हड़ताल पर जाने से छत्तीसगढ़ की वन संपदा सुरक्षित रहेगा
 या फिर किसी प्रकार की घटना का शिकार जैसे आगजनी, वनों की कटाई, वन्यजीव प्राणियों की सुरक्षा जमीन -जंगल की सुरक्षा
  आखिर जिम्मेदारी किसकी होंगी?
 राज्य सरकार या फिर कोई और?

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ