बलौदाबाजार | भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के आह्वान पर जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में भाजपाइयों ने राज्य की कांग्रेस सरकार के द्वारा 22 अप्रैल को जारी तुगलकी आदेश जो अभिव्यक्ति की आजादी पर कुठाराघात करने वाले 19 बिंदुओं के विरोध में एक दिवसीय धरना गार्डन चौक में वरिष्ठ भाजपा नेताओं की गरिमामय मौजूदगी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ,

बलौदाबाजार | भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के आह्वान पर जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में भाजपाइयों ने राज्य की कांग्रेस सरकार के द्वारा 22 अप्रैल को जारी तुगलकी आदेश जो अभिव्यक्ति की आजादी पर कुठाराघात करने वाले 19 बिंदुओं के विरोध में एक दिवसीय धरना गार्डन चौक में वरिष्ठ भाजपा नेताओं की गरिमामय मौजूदगी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ, 

आपको बतादे कि भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पैदल रैली की शक्ल में भाजपाई कलेक्ट्रेट की तरफ कूच किए और इस दौरान भाजपाइयों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई दरअसल कलेक्ट्रेट घेरने जा रहे भाजपाइयों को पुलिस ने बैरिकेडिंग और सैकड़ों जवानों के माध्यम से रोकने का प्रयास किया इस बीच पुलिस जवानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई अंततः हाई स्कूल में बनाई गई अस्थाई जेल में भाजपाइयों को ले जाया गया ।जहां मुख्य रूप से पुर्व विधानसभा अध्यक्ष व प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजपा गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, पूर्व विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. अजय राव, टेसूलाल धुरंधर, पुर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अजय गोयल, योगेश चंद्राकर, अनिल पांडेय, आनंद यादव, श्रीमती श्यामबाई साहू सहित हजारों की संख्या में भाजपाइयों को गिरफ्तार कर ले जाया गया बाद में निःशर्त रिहा किया गया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में इतनी भयभीत हैं कि अपने खिलाफ उठ रही आवाज को दबाना चाहती हैं, उठ रहे जन आक्रोश को कुचलना चाहती हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से अभिव्यक्ति की आजादी को छीनना चाहती हैं और इसी लिए छत्तीसगढ़ में धरना प्रदर्शन आंदोलन पर रोक

लगाने छत्तीसगढ़ की डरी हुई कांग्रेस सरकार द्वारा काला कानून लाकर छत्तीसगढ़ में आपातकाल की यादों को ताजा करने का कृत्य

किया जा रहा हैं।

ॐ प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने छ.ग. की भोली-भाली जनता को सैकड़ो लुभावने वादे कर सत्ता तो हड़प ली परंतु अब उन यादों को पूरा करने की मांग करने वाली जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को नृशंस हत्या करते हुए सरकार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों को रोकने के लिए काला कानून लेकर आई है। भारतीय जनता पार्टी सरकार के ऐसी मंशा पूरी नहीं होने देगी और समस्त छत्तीसगढ़ वासियों की ओर से पुरजोर विरोध करेगी।

उक्त धरना में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े ने कहा की भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता आज प्रदेश के सभी जिलों में भूपेश बघेल सरकार के काला कानून के विरोध में जेल भरो आंदोलन कर रहा है और कांग्रेस सरकार से इस काला कानून (भूपेश एक्ट) को वापस लेने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तानाशाही

चलाने वाली सरकार की जेल भाजपा के आंदोलन के सामने छोटी पड़ेंगी। • धरना प्रदर्शन को बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने संबोधित किया इस दौरान सभी भाजपाइयों ने कांग्रेस की तुलना अंग्रेजों से की वही वर्तमान सरकार द्वारा लगाए जा रहे 19 बिंदुओं वाले नियम को अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ने वाला तुगलकी आदेश करार दिया। इस अवसर पर भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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